मेनोपॉज 40 साल से पहले? 40% बढ़ जाता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा – भारतीय महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी | swasthFitBharat
40 साल से पहले मेनोपॉज (प्रिमैच्योर मेनोपॉज) वाली भारतीय महिलाओं में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 30-40% तक बढ़ जाता है। Lancet स्टडी के आधार पर जानें कारण, लक्षण, बचाव और स्वस्थ जीवनशैली टिप्स। स्वस्थ भारत के लिए जरूरी जानकारी।
मेनोपॉज 40 साल से पहले? भारतीय महिलाओं में 40% बढ़ जाता है हार्ट अटैक- स्ट्रोक का खतरा – नई स्टडी
परिचय
महिलाओं का स्वास्थ्य कई बार प्रजनन चक्र से जुड़े बदलावों पर निर्भर करता है। हाल ही में The Lancet Obstetrics, Gynaecology & Women’s Health में प्रकाशित एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्टडी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। 40 साल से पहले मेनोपॉज (प्रिमैच्योर मेनोपॉज) वाली महिलाओं में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों का खतरा 30-40% तक बढ़ जाता है।
भारत में यह स्थिति और भी गंभीर है। स्टडी में शामिल 7,872 भारतीय महिलाओं में 43.6% ने प्रिमैच्योर या अर्ली मेनोपॉज का अनुभव किया। औसत मेनोपॉज उम्र मात्र 44.6 साल रही, जबकि दक्षिण एशियाई महिलाओं में यह और भी कम (44.7 साल) है। स्वस्थफिटभारत के पाठकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण चेतावनी है।
स्टडी क्या कहती है? (PURE Study)Prospective Urban Rural Epidemiologic (PURE) स्टडी में 26 देशों की 1,11,600+ महिलाओं का डेटा शामिल किया गया।
मुख्य निष्कर्ष:
प्रिमैच्योर मेनोपॉज (<40 साल): हृदय रोगों का खतरा काफी बढ़ा।
अर्ली मेनोपॉज (40-44 साल): 30-40% ज्यादा रिस्क।
सामान्य मेनोपॉज उम्र: विश्व स्तर पर 47.4 साल, लेकिन भारत और LMICs (कम-मध्यम आय वाले देशों) में बहुत कम।
भारतीय महिलाओं में 18.4% प्रिमैच्योर और 25.3% अर्ली मेनोपॉज के मामले पाए गए। कुल मिलाकर 43.6% महिलाएं जल्दी मेनोपॉज का शिकार।
क्यों बढ़ता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा?
मेनोपॉज से पहले एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं को हृदय रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है। यह: ब्लड लिपिड्स को नियंत्रित रखता है
बॉडी फैट डिस्ट्रीब्यूशन बेहतर करता है
सूजन (इन्फ्लेमेशन) कम करता है
ब्लड वेसल्स की लचक बनाए रखता है
मेनोपॉज के बाद यह सुरक्षा कम हो जाती है और पुरुषों जितना हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी (PHFI) के अनुसार, प्रिमैच्योर मेनोपॉज के बाद यह सुरक्षा जल्दी खत्म हो जाती है।
भारतीय महिलाओं में प्रिमैच्योर मेनोपॉज के कारण
तनाव, अनियमित नींद और खान-पान: रिफाइंड कार्ब्स ज्यादा, फल-दालें कम।
धूम्रपान और सेकंड-हैंड स्मोक: पुरुषों के धूम्रपान से महिलाओं पर असर।
डायबिटीज और मोटापा
पर्यावरण प्रदूषण और एंडोक्राइन डिसरप्टर्स
एनीमिया, जल्दी शादी और बार-बार गर्भावस्था (संभावित कारक)
ये सब भारत जैसे देशों में आम हो रहे हैं।
बचाव और प्रिवेंशन – स्वस्थफिटभारत टिप्स
मेनोपॉज उम्र ट्रैक करें: 40 से पहले अनियमित पीरियड्स या लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें।
हृदय स्वास्थ्य जांच: ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और INTERHEART स्कोर नियमित चेक करवाएं।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: संतुलित आहार: फल, सब्जियां, दालें, होल ग्रेन्स
रोज व्यायाम: 30-45 मिनट (वॉकिंग, योगा)
धूम्रपान/तंबाकू छोड़ें, सेकंड-हैंड स्मोक से बचें
तनाव प्रबंधन: मेडिटेशन, अच्छी नींद
मेनोपॉज अवेयरनेस: सरकारी NCD कार्यक्रमों (डायबिटीज, हाइपरटेंशन) में मेनोपॉज हिस्ट्री शामिल करें।
HRT या अन्य उपचार: डॉक्टर की सलाह से ही लें।
नोट: स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से प्रिमैच्योर मेनोपॉज वाली महिलाओं में भी हृदय रोगों का खतरा काफी कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष
40 साल से पहले मेनोपॉज सिर्फ पीरियड्स बंद होना नहीं, बल्कि भविष्य के हार्ट अटैक और स्ट्रोक का सिग्नल हो सकता है। भारतीय महिलाओं में यह ट्रेंड चिंताजनक है, लेकिन जागरूकता और सही जीवनशैली से इसे मैनेज किया जा सकता है।
swasthFitBharat की सलाह:
अपनी माताओं, बहनों, पत्नियों और बेटियों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। नियमित चेकअप और स्वस्थ आदतें अपनाकर स्वस्थ भारत बनाएं।
संदर्भ: The Lancet (PURE Study), Indian Express रिपोर्ट। यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है।
चिकित्सकीय सलाह के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
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