युवा भारतीयों में बढ़ रहे Heart Attack: Stress, Poor Sleep और Processed Food सबसे बड़े खतरे – डॉ. रामकांत पांडा: swasthFitBharat

भारत में 30-40 साल के युवाओं में हार्ट अटैक क्यों बढ़ रहे हैं? एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. रामकांत पांडा ने स्ट्रेस, नींद की कमी और जंक फूड को मुख्य कारण बताया। स्वस्थ आदतें अपनाकर बचाव कैसे करें – swasthFitBharat

युवा भारतीयों में बढ़ रहे हार्ट अटैक: स्ट्रेस, खराब नींद और प्रोसेस्ड फूड सबसे बड़े खतरे – डॉ. रामकांत पांडा

आजकल 30 से 40 साल की उम्र के युवा, जो बाहर से पूरी तरह फिट नजर आते हैं, अचानक हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। मुंबई के प्रसिद्ध एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के चेयरमैन और देश के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रामकांत पांडा ने चेतावनी दी है कि अनहेल्दी लाइफस्टाइल ही इस बढ़ते संकट का मुख्य कारण है।डॉ. पांडा के अनुसार, आईटी और फाइनेंस सेक्टर में काम करने वाले 80% युवा मरीज (35 साल से कम उम्र के) क्रोनिक स्ट्रेस, देर रात तक काम, खराब नींद, प्रोसेस्ड फूड और sedentary lifestyle की वजह से हृदय रोग का शिकार हो रहे हैं।

मुख्य कारण क्या हैं?

क्रोनिक स्ट्रेस और लेट-नाइट वर्क

युवा प्रोफेशनल्स लंबे समय तक काम करते हैं, रात में पिज्जा-बर्गर ऑर्डर करते हैं और सोशल मीडिया-मोबाइल पर समय बिताते हैं। इससे स्ट्रेस हॉर्मोन बढ़ते हैं जो सीधे दिल की धमनियों को प्रभावित करते हैं।

नींद की गंभीर कमी

डॉ. पांडा बताते हैं कि रात 10 बजे तक सो जाना चाहिए और 7-9 घंटे की अच्छी नींद जरूरी है। लेकिन ज्यादातर लोग 2 बजे रात में सोते हैं। 2 बजे से 7 घंटे की नींद उतनी ही हानिकारक है जितनी नींद न लेना।

प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड

पहले घर का बना खाना होता था, अब रेडीमेड, प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय पदार्थ आम हो गए हैं। फ्रूट जूस को लोग हेल्दी समझते हैं, लेकिन इसमें फाइबर निकालकर सिर्फ शुगर बचा लिया जाता है – जो कोल्ड ड्रिंक जितना ही खतरनाक है।

देर रात खाना और sedentary आदतें

देर शाम या रात को भारी खाना खाने से वजन बढ़ना, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। व्यायाम की पूरी कमी इसे और बदतर बनाती है।


फैमिली हिस्ट्री vs लाइफस्टाइल

डॉ. पांडा स्पष्ट करते हैं कि फैमिली हिस्ट्री सिर्फ छोटे प्रतिशत मामलों में भूमिका निभाती है। अच्छी लाइफस्टाइल अपनाकर हार्ट डिजीज को 15-20 साल तक टाला जा सकता है।


GLP-1 दवाओं (वेट लॉस इंजेक्शन) पर सलाह

वजन घटाने वाली लोकप्रिय दवाओं के बारे में डॉ. पांडा सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। उनका कहना है – पहले लाइफस्टाइल बदलें, फिर दवा लें। इन दवाओं के लंबे समय के साइड इफेक्ट्स अभी पूरी तरह पता नहीं हैं। आसान रास्ता चुनने की बजाय डाइट, नींद और एक्सरसाइज को प्राथमिकता दें।

स्वस्थ रहने के लिए क्या करें? (Practical Tips)

रोजाना कम से कम 30-45 मिनट व्यायाम करें 

(वॉकिंग, जॉगिंग या जिम)।

रात 10 बजे तक सोने की कोशिश करें।

घर का बना ताजा खाना खाएं, प्रोसेस्ड फूड कम करें।

दिन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अच्छे प्रोटीन शामिल करें।

स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए मेडिटेशन या योग करें।

स्क्रीन टाइम कम करें, खासकर सोने से पहले।

निष्कर्ष:

डॉ. रामकांत पांडा का संदेश बहुत साफ है – बीमारी का इलाज करने से बेहतर है उसे पहले से रोकना। युवा पीढ़ी को अब अपनी लाइफस्टाइल पर गंभीरता से विचार करना होगा। स्वस्थ भारत तभी संभव है जब हम स्वस्थ आदतें अपनाएं।स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

swasthFitBharat पर यह आर्टिकल युवाओं के स्वास्थ्य जागरूकता के लिए बेहद उपयोगी रहेगा। जरूरत पड़ने पर इमेजेस (हार्ट हेल्थ इन्फोग्राफिक्स) भी ऐड कर सकते हैं।

(Source: The Economic Times) 


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